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धोरखा में बुखार का कहर, एक माह में दो की मौत, 150 से अधिक बीमार

Anil Yadav ·
धोरखा में बुखार का कहर, एक माह में दो की मौत, 150 से अधिक बीमार

धोरखा में बुखार का कहर, एक माह में दो की मौत, 150 से अधिक बीमार

कई परिवारों के आठ-दस सदस्य बीमारी की चपेट में, शिकायत के बावजूद स्वास्थ्य विभाग की टीम नहीं पहुंचने का आरोप

महेवा। विकासखंड महेवा क्षेत्र के ग्राम धोरखा में पिछले डेढ़ माह से बुखार का प्रकोप जारी है। ग्रामीणों के अनुसार अब तक 150 से अधिक लोग बुखार की चपेट में आ चुके हैं। हालात यह हैं कि कई परिवारों के आठ-दस सदस्य तक बीमार हैं। वहीं, ग्रामीणों ने पिछले एक माह के भीतर 65 वर्षीय रामपुत्री और 45 वर्षीय रामनरेश की बीमारी के चलते मौत होने की बात कही है। इसके बावजूद स्वास्थ्य विभाग की ओर से गांव में जांच टीम नहीं भेजे जाने का आरोप लगाते हुए ग्रामीणों में नाराजगी है।

ग्रामीण वीरेंद्र, मनोज, पान कुअर, प्रेमलता और मीनू ने बताया कि गांव के लगभग हर घर में कोई न कोई व्यक्ति बुखार से पीड़ित है। कई लोग निजी चिकित्सकों से इलाज करा रहे हैं, जबकि आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण कुछ ग्रामीण स्थानीय स्तर पर दवा लेकर काम चला रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि हेल्पलाइन पर शिकायत करने के बावजूद स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव में जांच करने नहीं पहुंची।

पीड़ित रूबी देवी ने बताया कि गांव में जगह-जगह जलभराव और गंदगी के कारण मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है, जिससे डेंगू सहित अन्य बीमारियां फैलने की आशंका बनी हुई है। वहीं सुधा देवी ने बताया कि बीमारी पूरे गांव में फैल चुकी है और वह स्वयं करीब एक सप्ताह से बुखार से पीड़ित हैं।

रघुवीर सिंह ने आरोप लगाया कि करीब एक माह से गांव में बीमारी का प्रकोप है, लेकिन सूचना देने के बावजूद स्वास्थ्य विभाग की टीम ने निरीक्षण नहीं किया। रामाकांती ने कहा कि गांव में नियमित साफ-सफाई कराई जाए तो बीमारियों के प्रसार पर काफी हद तक रोक लग सकती है। ग्रामीणों का कहना है कि गांव में न तो दवा का छिड़काव कराया गया है और न ही मच्छरों से बचाव के लिए फॉगिंग कराई गई है।

ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग से तत्काल गांव में बड़े स्तर पर स्वास्थ्य शिविर लगवाने, बुखार से पीड़ित लोगों की जांच कराने, आवश्यक दवाएं उपलब्ध कराने तथा साफ-सफाई के साथ मच्छररोधी दवा का छिड़काव और फॉगिंग कराने की मांग की है। ग्रामीणों ने जल्द कार्रवाई न होने पर बीमारी के और फैलने की आशंका जताई है।

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