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दीपावली पर्व पर अग्नि सुरक्षा एवं पटाखों से दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए जिला प्रशासन ने जारी की विस्तृत

Anil Yadav ·

*दीपावली पर्व पर अग्नि सुरक्षा एवं पटाखों से दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए जिला प्रशासन ने जारी की विस्तृत एडवाइजरी*

*पटाखे जलाते समय बरतें विशेष सावधानी, बच्चों को अकेले पटाखे न जलाने दें*

*आग लगने की स्थिति में तत्काल 101/112 पर दें सूचना**

*जनपदवासियों से सुरक्षित एवं पर्यावरण अनुकूल दीपावली मनाने की अपील**

एटा, 06 नवम्बर 2026 (सू0वि0)। दीपावली पर्व को सुरक्षित, शांतिपूर्ण एवं हर्षोल्लास के साथ मनाए जाने के उद्देश्य से जिलाधिकारी एम. अरुन्मोली, अध्यक्ष जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, एटा के निर्देश पर जिला प्रशासन द्वारा जनपदवासियों के लिए अग्नि सुरक्षा एवं पटाखों से होने वाली दुर्घटनाओं की रोकथाम के संबंध में विस्तृत एडवाइजरी जारी की गई है।

जिला प्रशासन ने कहा है कि दीपावली प्रकाश, खुशहाली, उत्साह एवं आपसी सद्भाव का प्रतीक है। इस अवसर पर दीपक, मोमबत्ती, विद्युत झालर एवं पटाखों का प्रयोग किया जाता है। असावधानी, अनुचित स्थान पर पटाखे जलाने अथवा सुरक्षा नियमों की अनदेखी से आग लगने की घटनाएं हो सकती हैं। ऐसी घटनाओं में मकान, दुकान, गोदाम, झोपड़ी, फसल, वाहन एवं अन्य संपत्ति के साथ जनहानि की भी आशंका रहती है। अतः सभी नागरिक सुरक्षा संबंधी दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए दीपावली मनाएं।

पटाखे एवं आतिशबाजी करते समय विशेष सावधानी बरतें

पटाखे केवल खुले एवं सुरक्षित स्थान पर ही जलाएं। आसपास ज्वलनशील सामग्री, आग, दुकान, मकान अथवा विद्युत तारों की मौजूदगी न हो। बच्चों को अकेले पटाखे न जलाने दें तथा उनकी गतिविधियों पर निगरानी रखें। पटाखे जलाने के लिए लंबी मोमबत्ती अथवा सुरक्षित प्रज्वलन उपकरण का प्रयोग करें। पटाखे जलाकर तत्काल सुरक्षित दूरी पर चले जाएं। कांच की बोतल, बंद डिब्बे, पाइप अथवा अन्य असुरक्षित वस्तुओं में पटाखे न जलाएं। एक साथ कई पटाखे जलाने से बचें। फटे, खराब अथवा पहले से जले पटाखों को दोबारा जलाने का प्रयास न करें। पेट्रोल, डीजल, मिट्टी के तेल एवं अन्य ज्वलनशील पदार्थों के निकटआतिशबाजी न करें।

*मकान एवं आवासीय परिसर में अग्नि सुरक्षा के उपाय अपनाएं*

दीपक एवं मोमबत्तियां स्थिर, सुरक्षित तथा गैर-ज्वलनशील स्थान पर रखें। इन्हें पर्दों, कपड़ों, कागज, लकड़ी एवं अन्य ज्वलनशील सामग्री से दूर रखें। मुख्य प्रवेश द्वार, गलियारों, सीढ़ियों एवं निकास मार्गों को खाली रखें। घर में जलते दीपकों को बिना निगरानी के न छोड़ें। विद्युत झालरों एवं सजावटी लाइटों के लिए प्रमाणित उपकरणों का प्रयोग करें तथा विद्युत तारों पर अनावश्यक भार न डालें। गैस सिलेंडर, रसोई गैस एवं ज्वलनशील पदार्थों के निकट पटाखे न जलाएं। घर में अग्निशमन यंत्र, पानी की बाल्टी, रेत अथवा उपयुक्त अग्नि नियंत्रण सामग्री उपलब्ध रखें।

*दुकानदारों एवं पटाखा विक्रेताओं को नियमों का पालन करने के निर्देश*

पटाखों की बिक्री एवं भंडारण सक्षम प्राधिकारी द्वारा निर्धारित अनुमति एवं नियमों के अनुसार ही करें। पटाखों का भंडारण निर्धारित सुरक्षित स्थानों पर किया जाए। दुकानों में पर्याप्त अग्निशमन उपकरण, सुरक्षित विद्युत व्यवस्था एवं आपातकालीन निकास की व्यवस्था सुनिश्चित करें। पेट्रोल, डीजल, गैस सिलेंडर एवं अन्य ज्वलनशील सामग्री को पटाखों के साथ न रखें। दुकानों में धूम्रपान, खुली आग एवं अनधिकृत विद्युत कनेक्शन पूरी तरह प्रतिबंधित रखें। अग्निशमन उपकरणों की नियमित जांच कराएं तथा किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए कर्मचारियों को आवश्यक जानकारी दें।

खेतों, खलिहानों एवं ग्रामीण क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतें

खेत, खलिहान, भूसा घर एवं फसल भंडारण स्थलों के निकट पटाखे न जलाएं। पशुशाला, भूसा, पराली, लकड़ी एवं कृषि अवशेषों के पास आतिशबाजी से बचें। गांव में पटाखे जलाने के लिए खुले एवं सुरक्षित स्थान का चयन करें। खेतों एवं खलिहानों के आसपास आग जलाने से बचें। ग्रामीण क्षेत्रों में अग्निशमन सुविधाओं एवं उपलब्ध जल स्रोतों की जानकारी रखें तथा आग लगने की स्थिति में तत्काल संबंधित अधिकारियों को सूचित करें।

*बच्चों, बुजुर्गों एवं संवेदनशील व्यक्तियों की सुरक्षा का रखें ध्यान*

छोटे बच्चों को पटाखे जलाने के लिए अकेला न छोड़ें। उन्हें पटाखों के सुरक्षित एवं सावधानीपूर्वक प्रयोग के बारे में समझाएं। बुजुर्गों, दिव्यांगजनों एवं बीमार व्यक्तियों को आतिशबाजी से दूर सुरक्षित स्थान पर रखें। तेज आवाज से प्रभावित व्यक्तियों एवं पालतू पशुओं के लिए शांत और सुरक्षित स्थान की व्यवस्था करें। पटाखों से चोट लगने पर तत्काल प्राथमिक उपचार एवं आवश्यकतानुसार चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध कराएं।

*आग लगने की स्थिति में घबराएं नहीं, तत्काल करें ये उपाय*

आग लगने पर सबसे पहले स्वयं एवं आसपास के लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाएं। अग्निशमन सेवा तथा आपातकालीन नियंत्रण कक्ष को तत्काल सूचना दें। आग लगने का सही स्थान, आग का प्रकार एवं प्रभावित क्षेत्र की जानकारी स्पष्ट रूप से दें। बिजली से लगी आग पर पानी का प्रयोग न करें। गैस सिलेंडर एवं ज्वलनशील पदार्थों के आसपास आग लगने पर विशेष सावधानी बरतें। बहुमंजिला भवनों में आग लगने पर लिफ्ट का प्रयोग न करें तथा सीढ़ियों एवं सुरक्षित निकास मार्ग का उपयोग करें। आग बुझाने के प्रयास में स्वयं को जोखिम में न डालें और प्रभावित क्षेत्र में दोबारा प्रवेश न करें।

*आग से झुलसने पर प्राथमिक उपचार के निर्देश*

जलने पर प्रभावित स्थान को तत्काल स्वच्छ बहते पानी से लगभग 20 मिनट तक ठंडा करें। जले हुए स्थान पर बर्फ, टूथपेस्ट, तेल, घी अथवा अन्य घरेलू पदार्थ न लगाएं। जली हुई त्वचा से चिपके कपड़ों को जबरन न हटाएं। गंभीर जलन, आंख में चोट, सांस लेने में कठिनाई अथवा अधिक प्रभावित होने की स्थिति में तत्काल चिकित्सकीय सहायता लें। गंभीर रूप से झुलसे व्यक्ति को सुरक्षित तरीके से अस्पताल पहुंचाएं।

*विद्युत सुरक्षा एवं सजावटी लाइटों के प्रयोग में सावधानी*

केवल प्रमाणित एवं सुरक्षित विद्युत झालरों का प्रयोग करें। उचित क्षमता के तार एवं उपकरण इस्तेमाल करें। कटे, टूटे अथवा खुले तारों का प्रयोग न करें। विद्युत सजावट को कपड़ों, पर्दों एवं ज्वलनशील सामग्री से दूर रखें। घर से बाहर जाते समय सजावटी लाइट एवं अनावश्यक विद्युत उपकरण बंद कर दें। बारिश अथवा नमी वाले स्थानों पर विद्युत उपकरणों का प्रयोग न करें। शॉर्ट सर्किट की स्थिति में तत्काल बिजली आपूर्ति बंद कर संबंधित विभाग को सूचित करें।

*ग्राम पंचायत एवं जनपद स्तर पर जनजागरूकता अभियान चलाने के निर्देश*

जिला प्रशासन द्वारा ग्राम प्रधानों, ग्राम पंचायत अधिकारियों, लेखपालों एवं संबंधित कर्मचारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में अग्नि सुरक्षा के प्रति जनजागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं। ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में सुरक्षित दीपावली मनाने के संबंध में नागरिकों को जागरूक किया जाए। पटाखा दुकानों एवं निर्धारित बिक्री स्थलों पर अग्नि सुरक्षा संबंधी निर्देश प्रदर्शित कराए जाएं। आग लगने अथवा किसी दुर्घटना की सूचना तत्काल संबंधित विभाग एवं जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण तक पहुंचाई जाए।

आपातकालीन स्थिति में इन नंबरों पर करें संपर्क

अग्निशमन अधिकारी, एटा – 101 / 112

पुलिस आपातकालीन सेवा – 112

एम्बुलेंस सेवा – 108

जिला आपदा नियंत्रण कक्ष / DEOC, एटा – 8858467267

आपदा टोल फ्री हेल्पलाइन – 1077

जिलाधिकारी ने जनपदवासियों से अपील की है कि दीपावली पर्व को सुरक्षित, शांतिपूर्ण एवं पर्यावरण अनुकूल तरीके से मनाएं। पटाखों का प्रयोग करते समय निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन करें तथा स्वयं एवं अपने परिवार के साथ-साथ आसपास के लोगों की सुरक्षा का भी विशेष ध्यान रखें। पटाखों से होने वाली दुर्घटनाओं एवं आग लगने की घटनाओं को रोकने में प्रशासन का सहयोग करें और सुरक्षित दीपावली मनाने में अपनी जिम्मेदारी निभाएं।जिला सूचना कार्यालय एटा 👆🏻

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