मुख्यमंत्री योगी के गनर पर दुष्कर्म का आरोप एक साल से न्याय के लिए भटक रही पीड़िता, अब तक FIR दर्ज नहीं होने का दावा
मुख्यमंत्री योगी के गनर पर दुष्कर्म का आरोप
एक साल से न्याय के लिए भटक रही पीड़िता, अब तक FIR दर्ज नहीं होने का दावा
मथुरा में सनसनीखेज मामला: खुद को मुख्यमंत्री का गनर बताकर प्रभाव जमाने का आरोप, पीड़ित परिवार ने एसएसपी से लगाई न्याय की गुहार; मुकदमे में कार्रवाई मांगने पर पति को भी जातिसूचक गालियां देकर जान से मारने की धमकी
मथुरा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के गनर के नाम पर रसूख दिखाने वाले एक व्यक्ति पर महिला ने दुष्कर्म का गंभीर आरोप लगाया है। पीड़ित परिवार का आरोप है कि करीब एक वर्ष बीत जाने के बाद भी महिला की शिकायत पर FIR दर्ज नहीं हुई है। न्याय के लिए पीड़ित परिवार पुलिस अधिकारियों और थानों के चक्कर काटने को मजबूर है। अब मामले में नया मोड़ तब आया, जब पीड़ित महिला के पति ने आरोपी पर जातिसूचक गालियां देने, रास्ता रोकने और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाते हुए एसएसपी मथुरा से शिकायत की है।
मामला थाना जमुनापार क्षेत्र के गांव ईशापुर का है। शिकायतकर्ता मनोज पुत्र लेखराज के मुताबिक, करीब एक वर्ष पूर्व गांव के लोकेन्द्र चौधरी उर्फ भोगी पर उसकी पत्नी चन्द्रवती को अपने प्रभाव में लेकर मथुरा के एक अज्ञात कमरे में ले जाकर जबरन गलत काम करने का आरोप है। पीड़िता ने इस संबंध में पुलिस के उच्चाधिकारियों और स्थानीय थाने में लिखित शिकायत दी थी, लेकिन पीड़ित परिवार का दावा है कि आज तक मुकदमा दर्ज नहीं हुआ।
शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि लोकेन्द्र चौधरी उर्फ भोगी खुद को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का गनर बताकर अपना प्रभाव जमाता है। पीड़ित परिवार का कहना है कि आरोपी अपने कथित रसूख और पैसों के दम पर पुलिस कार्रवाई को प्रभावित करने का प्रयास कर रहा है।
कार्रवाई की मांग पर पति को धमकी देने का आरोप
पीड़ित मनोज का आरोप है कि जब वह अपनी पत्नी के साथ हुए कथित अपराध में कार्रवाई की मांग कर रहा है, तभी से आरोपी उसे और उसके परिवार को लगातार परेशान कर रहा है। बीती 27 अक्टूबर 2026 को दोपहर करीब एक बजे मनोज मोटरसाइकिल से ईशापुर पानी की टंकी के पास से अपने घर जा रहा था। आरोप है कि तभी आरोपी ट्रैक्टर लेकर पहुंचा और उसका रास्ता रोक लिया।
मनोज के मुताबिक, आरोपी ने जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल करते हुए गाली-गलौज की और धमकी दी कि मुकदमेबाजी बंद कर दो, नहीं तो जान से खत्म कर दूंगा। पीड़ित का आरोप है कि आरोपी ने उसकी पत्नी और मौके पर मौजूद लोगों के सामने भी धमकियां दीं।
पीड़ित ने बताया कि करीब एक सप्ताह पहले भी आरोपी ने उसे और उसकी पत्नी को रास्ते में रोककर अभद्रता की थी, जिसकी सूचना डायल 112 पर दी गई थी। 27 अक्टूबर की घटना के बाद उसने थाना जमुनापार में लिखित शिकायत दी, लेकिन अब तक कार्रवाई नहीं होने का आरोप लगाया है।
एसएसपी से लेकर आईजी और डीजीपी तक पहुंचा मामला
लगातार कार्रवाई नहीं होने से परेशान मनोज ने 28 अक्टूबर 2026 को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मथुरा को प्रार्थना पत्र देकर आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने और उचित कानूनी कार्रवाई कराने की मांग की है। शिकायत की प्रतिलिपि आईजी आगरा और डीजीपी लखनऊ को भी भेजी गई है।
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि महिला की शिकायत को करीब एक साल बीत चुका है तो अब तक FIR क्यों दर्ज नहीं हुई? क्या खुद को मुख्यमंत्री का गनर बताने वाले व्यक्ति के प्रभाव में पुलिस कार्रवाई प्रभावित हो रही है? या फिर जांच के नाम पर पीड़ित परिवार को लगातार इंतजार करना पड़ रहा है?
फिलहाल पीड़ित परिवार पुलिस प्रशासन से न्याय की उम्मीद लगाए बैठा है। अब देखना होगा कि एसएसपी मथुरा इस गंभीर प्रकरण में क्या कार्रवाई करते हैं।